वक्फ बिल के खिलाफ सड़कों पर प्रोटेस्ट… रांची-कोलकाता में उबाल, अहमदाबाद में 50 लोग पुलिस हिरासत में

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,4 अप्रैल।
देश के कई हिस्सों में वक्फ संपत्ति (संशोधन) विधेयक को लेकर विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को रांची, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह विधेयक उनकी जमीन और अधिकारों पर सीधा हमला है। वहीं, अहमदाबाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे करीब 50 लोगों को हिरासत में ले लिया

झारखंड की राजधानी रांची में जमा मस्जिद चौक और मेन रोड पर भारी भीड़ इकट्ठा हुई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए – “वक्फ कानून नहीं चलेगा”, “जमीन हमारी, हक हमारा”
स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड को दी जा रही असीमित शक्तियां संविधान के खिलाफ हैं और इससे सामाजिक टकराव बढ़ सकता है।

पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। रांची प्रशासन ने कहा कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है लेकिन लगातार नजर रखी जा रही है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पार्क सर्कस, खिदिरपुर, और राजा बाजार इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिल को ‘एकतरफा’ और ‘धार्मिक संपत्ति के दायरे से बाहर’ बताया।

ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल और अन्य मुस्लिम सामाजिक संगठनों ने बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर इसे लागू किया गया तो “आंदोलन और तेज होगा”

गुजरात के अहमदाबाद शहर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्का टकराव देखने को मिला। शाह-ए-आलम रोड और जमालपुर इलाकों में सैकड़ों लोग जमा हुए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था को खतरा हो सकता था।

प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि नया वक्फ विधेयक

  • निजी संपत्ति को भी वक्फ घोषित करने का रास्ता खोलता है

  • कानूनी चुनौती के रास्ते सीमित करता है

  • और समुदाय विशेष को अन्य समुदायों के खिलाफ खड़ा कर सकता है

उनका कहना है कि यह कानून संपत्ति अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य केवल वक्फ संपत्तियों की बेहतर निगरानी और पारदर्शिता लाना है। सरकार का दावा है कि इससे किसी के व्यक्तिगत अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

देशभर में उठ रहे विरोध की आग को देखते हुए साफ है कि वक्फ बिल को लेकर लोगों में असमंजस और असंतोष दोनों है। सरकार को जहां संवाद की पहल करनी होगी, वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों को भी शांति बनाए रखनी होगी ताकि संवेदनशील मुद्दा किसी बड़े टकराव की ओर न बढ़े।

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