आश्वनी कुमार की क्रिकेट यात्रा: 30 रुपये में शेयर किए ऑटो, गेंदबाजी के जूते नहीं, सीएसके, केकेआर, और आरआर द्वारा नकारे गए, अब मुम्बई इंडियंस में बुमराह जैसा बनना चाहते हैं
आश्वनी कुमार की संघर्षपूर्ण क्रिकेट यात्रा:
आश्वनी कुमार, जो आज मुम्बई इंडियंस के संभावित सितारे बनने की राह पर हैं, एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए 30 रुपये में शेयर ऑटो किया। एक ऐसा क्रिकेटर, जिसका सपना था अपने देश का नाम रोशन करना, लेकिन शुरुआत में ही उसे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आश्वनी का क्रिकेट करियर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उनके संघर्षों और सफलता की कहानी उस कठिन मार्ग को दर्शाती है जिसे उन्होंने तय किया है।
शेयर ऑटो की यात्रा:
आश्वनी कुमार के लिए क्रिकेट एक सपना था, लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए उनके पास संसाधनों की कमी थी। जब उन्हें खेल के लिए किसी भी बड़े क्रिकेट क्लब या टीम से समर्थन नहीं मिल रहा था, तब उन्होंने अपने सफर को जारी रखने के लिए 30 रुपये में शेयर ऑटो किया। यह उनकी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक था, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपनी उम्मीदें नहीं छोड़ी और किसी भी तरीके से अपनी यात्रा जारी रखी।
गेंदबाजी के जूते नहीं थे:
आश्वनी के क्रिकेट करियर की शुरुआत ऐसी नहीं थी, जैसे किसी प्रमुख क्रिकेटर की होती है। उनके पास गेंदबाजी के लिए सही जूते नहीं थे, और उन्हें साधारण जूते पहनकर खेलना पड़ता था। यह चीज़ उनके आत्मविश्वास को कम करती थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना था कि अगर आत्मविश्वास मजबूत हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
सीएसके, केकेआर और आरआर द्वारा नकारा गया:
आश्वनी कुमार को शुरुआत में कई आईपीएल टीमों ने नकारा किया था, जिनमें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और राजस्थान रॉयल्स (RR) जैसी बड़ी टीमें शामिल थीं। उनका चयन न हो पाने से वे निराश हुए, लेकिन उनके जज्बे ने उन्हें कभी हार मानने नहीं दिया। वह जानते थे कि सही समय आने पर उनका परफॉर्मेंस खुद को साबित करेगा।
अब मुम्बई इंडियंस में बुमराह जैसा बनना चाहते हैं:
आश्वनी का सपना है कि वह मुम्बई इंडियंस के लिए खेलते हुए जसप्रीत बुमराह जैसे महान गेंदबाज बनें। बुमराह, जो मुम्बई इंडियंस का एक अहम हिस्सा रहे हैं, आश्वनी के लिए आदर्श बने हुए हैं। आश्वनी कुमार ने अपनी गेंदबाजी शैली और तकनीक में सुधार लाने के लिए बुमराह से प्रेरणा ली है। वह चाहते हैं कि मुम्बई इंडियंस जैसी टीम का हिस्सा बनकर बुमराह की तरह मैचों में अहम भूमिका निभाएं और अपनी टीम को जीत दिलाएं।
आश्वनी कुमार का आत्मविश्वास और भविष्य:
आश्वनी कुमार के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी न केवल अन्य युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह साबित करती है कि अगर मेहनत और आत्मविश्वास से काम किया जाए, तो कोई भी मुश्किल आसानी से पार की जा सकती है। वह जानते हैं कि आईपीएल जैसी बड़ी लीग में जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन उनका मानना है कि अगर किसी को कुछ करना है, तो उसमें पूरा आत्मविश्वास होना चाहिए।
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