रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम: मोदी सरकार ने ₹18,658 करोड़ की चार बहुपटरी परियोजनाओं को दी मंजूरी

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,5 अप्रैल।
भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल मंत्रालय की चार बहुपटरी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है, जिनकी कुल लागत ₹18,658 करोड़ है। ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेलवे नेटवर्क का 1,247 किलोमीटर तक विस्तार करेंगी।

इन बहुपटरी परियोजनाओं के माध्यम से रेल यात्रा को और अधिक सुगम, तेज और सुविधाजनक बनाया जाएगा। साथ ही मालवाहन की गति और दक्षता में भी भारी सुधार होगा। इससे न केवल लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि देश की तेजी से बढ़ती आर्थिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति होगी।

यह पहल भारतीय रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ परिवहन माध्यम के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। अनुमान के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट, तेल आयात में कमी और हरित भारत की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ेगा।

इन परियोजनाओं से लगभग 379 लाख मानव-दिनों का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। साथ ही इन क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा। इससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं में गति आने से स्थानीय जनसंख्या को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का अवसर मिलेगा।

यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “नए भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन का एक अहम हिस्सा है, जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत जिन रूट्स को अपग्रेड किया जा रहा है, वे देश के कोयला, लोहा, सीमेंट, स्टील और अन्य खनिज उत्पादों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

रेलवे नेटवर्क के इस विस्तार से न केवल वर्तमान अवसंरचनात्मक दबाव कम होगा, बल्कि भारत को गति शक्ति और लॉजिस्टिक दक्षता में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा।

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