मोदी से हाथ मिलाया तो कनाडाई सांसद का टिकट कटा

कनाडा ,27 मार्च। कनाडा की लिबरल पार्टी ने भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य को पार्टी लीडरशिप की दावेदारी से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही नेपियन से भी उनका टिकट काट दिया है। यह फैसला उन पर भारत सरकार से करीबी संबंध रखने के आरोपों के बीच आया है।

चंद्र पिछले साल भारत दौरे पर आए थे और पीएम मोदी से मिले थे। हालांकि, कनाडा सरकार और लिबरल पार्टी ने चंद्र आर्य के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की कोई वजह नहीं बताई है।

भारत आने से पहले पार्टी को नहीं दी जानकारी द ग्लोब एंड मेल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चंद्र आर्य ने इस दौरे के बारे में कनाडा की सरकार को सूचित नहीं किया था, जबकि उस समय भारत और कनाडा के संबंध बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने भारत सरकार के साथ आर्य के कथित करीबी संबंधों को लेकर कनाडा सरकार को जानकारी दी थी। चंद्र आर्य ने 22 जून 2024 को कनाडा की संसद में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की याद में मौन रखने पर ट्रूडो सरकार की आलोचना भी की थी।

आर्य बोले- खालिस्तानियों का विरोध करने से टिकट कटा

इस बीच भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने कहा, मेरा टिकट भारत से करीबी संबंध रखने की वजह से नहीं कटा। एक सांसद होने के नाते मैं कई राजनयिकों और राष्ट्र प्रमुखों से मिलता रहता हूं। ऐसी किसी भी मुलाकात के लिए उन्होंने सरकार से कभी भी अनुमति नहीं ली।

आर्य ने कहा कि लिबरल पार्टी की लीडरशिप और नेपियन से उनका हटाए जाने की वजह उनका खालिस्तानी आंदोलन का लगातार विरोध करना है। आर्य कनाडा में खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

खालिस्तानी पन्नू ने ट्रूडो से शिकायत की थी

आर्य ने कनाडा में खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ जोरदार तरीके से आवाज उठाई है। आर्य की आलोचना से चिढ़े खालिस्तानी समूहों ने अतीत में उन्हें निशाना बनाया है। अक्टूबर में अमेरिका स्थित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से आर्य के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

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