प्लास्टिक की गदा, आगे-पीछे पुलिस… बंगाल में अंजनी पुत्र सेना और VHP को इन शर्तों के साथ मिली रामनवमी रैली की इजाजत

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
कोलकाता,4 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल में रामनवमी को लेकर माहौल गर्म है। हर साल की तरह इस बार भी अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भव्य शोभायात्रा की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस बार कुछ सख्त शर्तों के साथ ही अनुमति दी है। राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस साल की रामनवमी रैली पारंपरिक उत्साह के साथ तो निकलेगी, लेकिन कुछ सीमाओं के भीतर।

प्रशासन द्वारा लगाई गई कुछ प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  1. प्लास्टिक की गदा और तलवार ही मान्य – रैली में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को असली या धारदार हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल प्लास्टिक से बनी प्रतीकात्मक गदा, तलवार या त्रिशूल लेकर चलने की इजाजत दी गई है।

  2. पुलिस सुरक्षा घेरे में रैली – शोभायात्रा के आगे और पीछे पुलिस बल तैनात रहेगा। CCTV निगरानी और ड्रोन कैमरों के ज़रिए पूरी रैली पर नजर रखी जाएगी।

  3. भड़काऊ नारे और भाषण पर रोक – किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक, उकसावे वाले नारों, गीतों या भाषणों पर सख्त पाबंदी रहेगी। आयोजकों को पहले से तय ऑडियो ट्रैक और स्लोगन की सूची पुलिस को देनी होगी।

  4. निर्धारित मार्ग से न हटने की हिदायत – शोभायात्रा केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए मार्ग पर ही चलेगी। किसी भी स्थिति में मार्ग बदलने या नई दिशा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  5. रात 8 बजे से पहले समाप्त करनी होगी रैली – कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोभायात्रा को सूर्यास्त से पहले ही समाप्त करना अनिवार्य किया गया है।

VHP और अंजनी पुत्र सेना के आयोजकों ने प्रशासन की शर्तों को मंजूरी तो दी है, लेकिन कुछ नाराज़गी भी जताई है। उनका कहना है कि “हम परंपरा के तहत ही रैली निकालते हैं, लेकिन प्रशासन हमें शक की निगाह से देखता है। फिर भी हम नियमों का पालन करेंगे क्योंकि हमारी प्राथमिकता शांतिपूर्ण आयोजन है।”

कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार ने साफ किया है कि उनका मकसद किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना सबसे जरूरी है। राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

इस मुद्दे पर सियासत भी गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हिंदू त्योहारों को “निशाना बनाने” का आरोप लगाया है, वहीं सत्ताधारी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि “शांति और भाईचारा सबसे ऊपर है, चाहे त्योहार किसी भी धर्म का क्यों न हो।”

रामनवमी जैसे धार्मिक पर्व पर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं प्रशासन की सख्ती यह दिखाती है कि किसी भी तरह के टकराव से बचने की पूरी कोशिश की जा रही है। देखना होगा कि रैली के दिन माहौल शांतिपूर्ण रहता है या फिर यह मामला और राजनीतिक रंग पकड़ता है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

Comments are closed.