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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 अप्रैल। असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने असम राज्य के लिए बड़ी घोषणा की है, जिसके अंतर्गत असम अपनी खुद की सैटेलाइट लॉन्च करने वाला है। इस सैटेलाइट के माध्यम से राज्य सरकार को अस्सी अनगिनत महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी, जिसमें अवैध घुसपैठ, बाढ़ की पूर्व चेतावनी, कृषि संबंधी समस्याओं का अनुमानिक आकलन और सरकारी विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग भी शामिल हैं। सरमा ने बयान दिया है कि यह सैटेलाइट की मदद से असम सरकार को अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए मदद मिलेगी, जिससे घुसपैठ की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बांग्लादेश से असम में घुसपैठ करता है, तो इसकी जानकारी सीधे कंट्रोल रूम में पहुंचेगी, जिसके चलते तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। इस सैटेलाइट के मध्यास्त्र असम सरकार को यह सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि राज्य की विकास परियोजनाओं जैसे सड़कें और बांध सही तरीके से बनने हैं या नहीं, जिससे सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और फालतू खर्चों की जांच हो सकेगी।
असम का एक और लाभ यह होगा कि इस सैटेलाइट के माध्यम से असम को बाढ़ की पूर्व चेतावनी मिलने में मदद मिलेगी, जिससे राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू किए जा सकेंगे। इसके अलावा, किसानों को भी प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान के बारे में सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे पहले से तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि आज धारियों से अच्छी स्थिति में बनी सड़कों को दोबारा बनवाने का काम किया जाता है, जिससे सरकारी पैसे की बर्बादी होती है। मगर यदि असम के पास अपना सैटेलाइट होगा, तो राज्य सरकार पहले से यह निर्णय कर सकेगी कि किस पर मुंह在तंप ध्येय पर कब और कितना खर्च किया जाए, जिससे सरकारी व्यय में कमी होगी और संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो सकेगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने यह भी घोषणा की कि इस परियोजना पर पहले ही चर्चा हो चुकी है और इस साल के अंत तक इसका मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन होने की उम्मीद है। असम सरकार और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है और इस प्रोजेक्ट को जल्द ही लागू किया जाएगा।
इस प्रकार, असम सरकार की यह पहल राज्य की सुरक्षा, विकास और पारदर्शिता में एक नया कदम साबित हो सकती है, जिससे न केवल राज्य की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि राज्य की तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
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