इस योजना का शुभारंभ शिवसागर जिला आयुक्त कार्यालय के सुकाफा सम्मेलन कक्ष में किया गया। यह शिवसागर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल है और ‘अरोहन’ योजना के तहत नामांकित छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो 2024-25 हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) परीक्षा में शामिल होंगे।
‘अरोहन’ योजना के तहत मेधावी छात्रों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन के सही दिशा-निर्देशन में सहायता मिलेगी। यह योजना छात्रों को न केवल शिक्षा और करियर संबंधी परामर्श प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में भी गहन जानकारी देगी।
इस योजना का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करना नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करने में भी मदद करना है। युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है, जहां छात्र अपने भविष्य के बारे में सुनिश्चित और सशक्त निर्णय ले सकें।
इस प्रयास के तहत 147 मेधावी छात्रों को सैमसंग टैबलेट पीसी प्रदान किए गए, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। ये टैबलेट शिवसागर के जिला आयुक्त आयुष गर्ग द्वारा वितरित किए गए, जिन्होंने आधुनिक शिक्षा में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित किया।
अपने भाषण के दौरान, गर्ग ने बताया कि ये टैबलेट छात्रों को ऑनलाइन सामग्री, अध्ययन सामग्री और शैक्षिक ऐप्स तक पहुंच प्रदान करेंगे, जिससे उनका सीखने का अनुभव अधिक आकर्षक और प्रभावी बनेगा। उन्होंने इस योजना की मुख्य सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों के अभिसरण को बढ़ावा देती है और सभी छात्रों को समान अवसर देने का प्रयास करती है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला आयुक्त मीनाक्षी परमेय, सहायक आयुक्त शुभजीत खोंड और गणेश चंद्र बारो जैसे प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने ‘अरोहन’ योजना की सफलता सुनिश्चित करने और छात्रों को उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास में मदद करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 2024-25 HSLC परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों पर केंद्रित था, जहां उन्हें अपनी समस्याओं, सपनों और अध्ययन संबंधी आवश्यकताओं को साझा करने का एक मंच दिया गया। इस योजना के तहत मेंटरशिप, करियर गाइडेंस और टैबलेट जैसे अध्ययन उपकरणों के माध्यम से असम सरकार इन छात्रों की मदद कर रही है और उनकी सफलता की संभावनाओं को बढ़ा रही है।
असम सरकार की ‘अरोहन’ योजना केवल शैक्षणिक सफलता पर केंद्रित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य करियर विकास, भावनात्मक सशक्तिकरण और व्यक्तिगत विकास को भी बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से, राज्य सरकार छात्रों को आधुनिक विश्व की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहती है, जिससे वे कुशल पेशेवर, नेता और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
इस योजना के विस्तार के साथ, भविष्य में यह पूरे असम के छात्रों तक पहुंचेगी और उन्हें नए अवसर प्रदान करेगी। असम सरकार की यह पहल युवाओं के भविष्य में निवेश करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे राज्य को बेहतर और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाया जा सके।
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